AI Content Rules 2026: 20 फरवरी से लागू हुए नए AI नियमों के तहत सोशल मीडिया पर सिंथेटिक कंटेंट को लेबल करना अनिवार्य, डीपफेक और फर्जी सामग्री पर सरकार की सख्ती बढ़ी।
डिजिटल दुनिया में AI कंटेंट पर बड़ा बदलाव
सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और यूजर्स को भ्रमित करने वाले कंटेंट पर रोक लगाना।
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत सरकार ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साझा किए जाने वाले AI आधारित कंटेंट को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। 20 फरवरी से प्रभाव में आए इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य इंटरनेट पर पारदर्शिता बढ़ाना, डीपफेक जैसी समस्याओं को नियंत्रित करना और यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। AI Content Rules 2026: विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
AI Content Rules 2026: क्या है नया कानूनी ढांचा?
Information Technology Rules में संशोधन कर AI कंटेंट की स्पष्ट परिभाषा तय की गई।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा Information Technology (Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में संशोधन किया गया है। नए नियमों के तहत अब AI या कंप्यूटर तकनीक से तैयार किए गए कंटेंट को पहचान योग्य बनाना अनिवार्य होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कौन-सा कंटेंट सिंथेटिक माना जाएगा और उसे साझा करने की जिम्मेदारी किसकी होगी।
AI Content Rules 2026: डीपफेक पर सख्ती क्यों जरूरी हुई?
फर्जी वीडियो और नकली ऑडियो से बढ़ रहे भ्रम और गलत सूचना को रोकना सरकार की प्राथमिकता
हाल के महीनों में डीपफेक वीडियो और नकली ऑडियो क्लिप्स के मामलों में तेजी देखने को मिली है। कई बार सार्वजनिक हस्तियों और आम नागरिकों की पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति बनी। AI Content Rules 2026: इसी वजह से सरकार ने पारदर्शिता, वॉटरमार्किंग और जवाबदेही को नए नियमों का प्रमुख आधार बनाया है।
SGI क्या है और कब लगेगा AI लेबल?
AI से तैयार ऐसा कंटेंट जो असली जैसा दिखे, उसे सिंथेटिक जनरेटेड कंटेंट माना जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक SGI यानी Synthetically Generated Content वह कंटेंट है, जिसे AI या कंप्यूटर तकनीक से इस तरह बनाया गया हो कि वह वास्तविक व्यक्ति, स्थान या घटना जैसा लगे। AI Content Rules 2026: ऐसे कंटेंट को पोस्ट करने से पहले स्पष्ट लेबल या वॉटरमार्क लगाना अनिवार्य होगा। हालांकि सामान्य फोटो एडिटिंग, बेसिक फिल्टर या हल्के बदलावों पर AI लेबल जरूरी नहीं होगा।
AI Content Rules 2026: नए नियमों के तीन बड़े बदलाव
AI टैग हटाया नहीं जा सकेगा, प्लेटफॉर्म्स को पहचान तकनीक विकसित करनी होगी।
पहला बड़ा बदलाव यह है कि AI जनरेटेड कंटेंट बिना लेबल के साझा नहीं किया जा सकेगा। दूसरा, सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे तकनीकी टूल विकसित करने होंगे जो AI कंटेंट की पहचान कर सकें और अपलोड से पहले जांच करें। तीसरा, प्लेटफॉर्म्स को हर तीन महीने में यूजर्स को चेतावनी जारी करनी होगी कि AI का गलत इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई संभव है।
AI Content Rules 2026: किन कंटेंट पर पूरी तरह रोक?
बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री, फर्जी दस्तावेज और भ्रामक डीपफेक कंटेंट पर जीरो टॉलरेंस।
सरकार ने कुछ श्रेणियों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इनमें बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री, फर्जी दस्तावेज, हथियार या गोला-बारूद से जुड़ा अवैध कंटेंट और भ्रामक डीपफेक वीडियो या तस्वीरें शामिल हैं। AI Content Rules 2026: सरकार का कहना है कि ऐसे कंटेंट से सामाजिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
AI Content Rules 2026: कंटेंट हटाने की नई समयसीमा
सरकारी आदेश मिलने पर तीन घंटे में कार्रवाई अनिवार्य, बच्चों से जुड़े मामलों में 12 घंटे की सीमा।
नए नियमों के तहत यदि सरकार किसी कंटेंट को हटाने का निर्देश देती है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म को तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। पहले यह समयसीमा 36 घंटे थी। AI Content Rules 2026: वहीं बच्चों से जुड़ी हिंसक या अश्लील सामग्री पर 12 घंटे के भीतर प्रतिक्रिया देना अनिवार्य किया गया है। साथ ही AI कंटेंट की उत्पत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?
IT Act, IPC और POCSO Act के तहत सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ Indian Penal Code, Information Technology Act, 2000 या Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि संदिग्ध AI कंटेंट को ऑटोमैटिक टूल्स से ब्लॉक करना कानून के अनुरूप माना जाएगा। https://www.startupindia.gov.in/
AI Content Rules 2026: डिजिटल यूजर्स के लिए क्या है संदेश?
AI का इस्तेमाल करें, लेकिन पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित कंटेंट और तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में हर डिजिटल यूजर के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह पोस्ट करने से पहले कंटेंट की प्रकृति को समझे और जरूरी लेबलिंग का पालन करे। साफ है कि डिजिटल दुनिया में अब तकनीक के साथ जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। https://publichint.com/aus-vs-oman/








