Gautam Gambhir coaching: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की सादगीपूर्ण कोचिंग शैली और सकारात्मक दृष्टिकोण ने कप्तान सूर्यकुमार यादव सहित टीम के खिलाड़ियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया में 1-3 से टेस्ट सीरीज हारने के बाद गंभीर आलोचनाओं के घेरे में हैं, लेकिन टी20 प्रारूप में उनकी अब तक की अजेय कोचिंग ने एक नई उम्मीद जगाई है। बुधवार से कोलकाता में शुरू होने वाली इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में गंभीर की कोचिंग शैली और सूर्यकुमार के नेतृत्व का परीक्षण होगा।
ऑस्ट्रेलिया दौरे की चुनौती और आलोचना
Gautam Gambhir coaching ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया को 5 टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग को लेकर सवाल उठने लगे थे। टेस्ट में टीम के खराब प्रदर्शन ने कई लोगों को निराश किया, लेकिन टी20 प्रारूप में गंभीर की कोचिंग ने अब तक अपनी अलग छाप छोड़ी है। टी20 में टीम इंडिया उनके नेतृत्व में अभी तक अपराजित रही है, जहां उन्होंने लगातार 6 मैचों में जीत दर्ज की है। https://publichint.com/
टी20 में अजेय सफर और इंग्लैंड सीरीज की तैयारी

Gautam Gambhir coaching टी20 प्रारूप में गौतम गंभीर की कोचिंग का रिकॉर्ड शानदार रहा है। अब इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज में टीम इंडिया को अपनी इस लय को बनाए रखने की चुनौती होगी। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सीरीज से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर की कोचिंग शैली की जमकर तारीफ की।
सूर्यकुमार ने कहा “गंभीर सर की कोचिंग का अंदाज बेहद साधारण है। वह खिलाड़ियों को पूरी आजादी देते हैं और उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने की प्रेरणा देते हैं। उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।”
केकेआर से शुरू हुई दोस्ती और राष्ट्रीय टीम में नई भूमिका
Gautam Gambhir coaching सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर का रिश्ता कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के दिनों से ही मजबूत रहा है। गंभीर की कप्तानी में केकेआर ने 2012 और 2014 में आईपीएल खिताब जीते। इसके अलावा, 2024 में गंभीर ने केकेआर को मेंटर के तौर पर तीसरा खिताब दिलाया। अब यह जोड़ी भारतीय टीम में अलग भूमिकाओं में है, लेकिन उनकी दोस्ती और समझ ने टीम को मजबूत किया है।
सूर्यकुमार ने कहा, “मैंने गंभीर सर के साथ काफी समय बिताया है। उनके काम करने का तरीका मुझे अच्छे से पता है। बिना कुछ कहे ही वह आपके मन की बात समझ लेते हैं।”
खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने की कला
Gautam Gambhir coaching गंभीर की कोचिंग का एक अहम पहलू यह है कि वह खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने में माहिर हैं। वह ड्रेसिंग रूम का माहौल हल्का और सकारात्मक रखते हैं, जिससे खिलाड़ी दबाव महसूस किए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। सूर्यकुमार ने बताया कि टीम का माहौल बेहद आरामदायक है और खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का पूरा मौका दिया जाता है। https://www.bcci.tv/
Gautam Gambhir coaching टीम के लिए सकारात्मक संकेत
Gautam Gambhir coaching गंभीर और सूर्यकुमार की जोड़ी ने अब तक टीम को नई दिशा दी है। गंभीर का सीधा और सरल दृष्टिकोण खिलाड़ियों को प्रेरित करता है, जबकि सूर्यकुमार की आक्रामक कप्तानी टीम को मजबूती देती है। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया अपनी सफलता की इस लय को बनाए रखने के इरादे से उतरेगी।
Gautam Gambhir coaching गंभीर की कोचिंग का प्रभाव
Gautam Gambhir coaching गंभीर ने अपने खेल के दिनों में जैसा आक्रामक और लक्ष्य-केन्द्रित रवैया अपनाया था, वैसा ही रवैया उन्होंने कोचिंग में भी अपनाया है। वह खिलाड़ियों को स्पष्ट निर्देश देने के साथ-साथ उनकी क्षमता पर भरोसा करते हैं। टीम के युवा खिलाड़ी भी उनके मार्गदर्शन में आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।
टीम के एक युवा खिलाड़ी ने कहा, “गंभीर सर से हमें सीखने का बहुत कुछ मिलता है। वह हमें अपनी गलतियों से सीखने का मौका देते हैं और हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।”
Gautam Gambhir coaching इंग्लैंड सीरीज की चुनौती
Gautam Gambhir coaching इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टी20 सीरीज भारतीय टीम के लिए आसान नहीं होगी। लेकिन सूर्यकुमार और गंभीर की जोड़ी से प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं। कोलकाता में शुरू होने वाली इस सीरीज में भारतीय टीम अपने अपराजेय रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेगी।
गंभीर ने सीरीज से पहले कहा, “हमारा ध्यान सिर्फ अपने प्रदर्शन पर है। खिलाड़ी मेहनत कर रहे हैं और हम हर मैच में बेहतर होने की कोशिश करेंगे।”
टी20 में गंभीर और सूर्यकुमार की जोड़ी से हैं उम्मीद
Gautam Gambhir coaching ऑस्ट्रेलिया दौरे की नाकामी के बाद भारतीय टीम को एक नई शुरुआत की जरूरत है। टी20 में गंभीर और सूर्यकुमार की जोड़ी ने अब तक उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में टीम के प्रदर्शन पर सभी की निगाहें होंगी। अगर टीम अपने अजेय रिकॉर्ड को बनाए रख पाती है, तो यह न केवल गंभीर की कोचिंग शैली की जीत होगी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी सकारात्मक संकेत होगा।








