Punjab Politics 2026 में आज बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब Bhagwant Mann ने आम आदमी पार्टी (AAP) के लगभग 90 विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रपति से मुलाकात की। यह कदम सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं था, बल्कि इसे पार्टी की एकजुटता और ताकत दिखाने के बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
सुबह तड़के ही पूरा काफिला (Punjab Politics 2026)दिल्ली के लिए रवाना हुआ, जिसमें तीन लग्ज़री बसों में विधायक सवार थे और मुख्यमंत्री की Z+ सुरक्षा व्यवस्था भी शामिल थी। कई विधायक अपने साथ पोस्टर लेकर आए, जिनमें हाल ही में पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों को “Punjab’s traitors” बताया गया था। इस पूरे आयोजन को AAP ने एक सुनियोजित शक्ति प्रदर्शन के रूप में तैयार किया, ताकि यह दिखाया जा सके कि पार्टी अभी भी पूरी तरह एकजुट है।
दरअसल, 24 अप्रैल को AAP (Punjab Politics 2026)को बड़ा झटका लगा था जब उसके 10 में से 7 राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हो गए थे। इनमें Raghav Chadha समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर अस्थिरता की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिन्हें काउंटर करने के लिए यह कदम उठाया गया।
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann अपने साथ विधानसभा में पास किया गया confidence motion भी लेकर गए, जो 1 मई को पारित हुआ था। उनका कहना है कि कुछ “opportunist leaders” व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए दल बदल रहे हैं, जो लोकतंत्र और जनता के भरोसे के खिलाफ है। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी के विधायक उनके साथ “चट्टान की तरह” खड़े हैं और यह यात्रा उसी एकजुटता का प्रतीक है।
राष्ट्रपति Droupadi Murmu से मुलाकात के दौरान केवल मुख्यमंत्री ही अंदर गए, जबकि बाकी विधायक बाहर ही रुके रहे। AAP की मांग है कि जिन सांसदों ने पार्टी छोड़कर BJP जॉइन की है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो और उन्हें “recall” किया जाए। वहीं, दूसरी तरफ खबर है कि Raghav Chadha और कुछ अन्य नेता भी राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं, जिससे राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
AAP ने इस पूरे कार्यक्रम को सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक internal unity exercise भी बनाया। सभी विधायकों को एक साथ दिल्ली लाना, एक ही काफिले में यात्रा करना और बाद में Kapurthala House में सामूहिक लंच आयोजित करना—ये सभी कदम पार्टी के भीतर cohesion और discipline दिखाने के लिए उठाए गए। पार्टी नेताओं का मानना है कि इससे उन लोगों को भी संदेश जाएगा जो दावा कर रहे हैं कि कई विधायक उनके संपर्क में हैं।
Punjab Politics 2026 में भगवंत मान का यह कदम एक रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों तरह का राजनीतिक दांव है।
इस घटनाक्रम का राजनीतिक महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि पंजाब विधानसभा (Punjab Politics 2026)में AAP के पास 117 में से 94 विधायक हैं और वह स्पष्ट बहुमत में है। ऐसे में 90 विधायकों का एक साथ दिल्ली पहुंचना अपने आप में एक मजबूत राजनीतिक संदेश है। यह साफ तौर पर दिखाता है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल अपने विधायकों पर पकड़ बनाए हुए है और किसी बड़े टूट के संकेत को खारिज करना चाहती है।
कुल मिलाकर, Punjab Politics 2026 में भगवंत मान का यह कदम एक रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों तरह का राजनीतिक दांव है। इससे एक तरफ BJP को सीधा जवाब देने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के अंदर एकजुटता का प्रदर्शन भी किया गया है। अब देखना होगा कि राष्ट्रपति से मुलाकात का क्या परिणाम निकलता है और आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति किस दिशा में जाती है।








