क्यों अंतरराष्ट्रीय कानून पर अड़ा है सिंगापुर?
Singapore Strait of Hormuz Policy: सिंगापुर ने स्पष्ट कर दिया है कि वह Strait of Hormuz में जहाजों के सुरक्षित गुजरने के लिए किसी भी तरह का टोल या समझौता स्वीकार नहीं करेगा। Singapore Strait of Hormuz Policy के तहत देश ने अंतरराष्ट्रीय कानून, खासकर UNCLOS का समर्थन किया है।
Vivian Balakrishnan ने संसद में कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरना किसी देश की “मर्जी” नहीं बल्कि जहाजों का अधिकार है। इसे न तो रोका जा सकता है और न ही इसके लिए शुल्क लिया जा सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब Middle East में तनाव बढ़ा हुआ है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण को लेकर विवाद जारी है।
ग्लोबल ट्रेड पर असर और सिंगापुर की रणनीति
Singapore Strait of Hormuz Policy सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि global economy से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।
👉 विशेषज्ञों के अनुसार:
- दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है
- अगर इस पर रोक या शर्तें लगती हैं, तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है
Maritime expert Nicholas Lim ने इसे सरल शब्दों में समझाया:
👉 “No shipping, no shopping” — यानी अगर जहाज नहीं चलेंगे, तो पूरी सप्लाई चेन प्रभावित होगी
सिंगापुर, जो एक बड़ा global trade hub है, अपनी अर्थव्यवस्था का लगभग 7% समुद्री व्यापार से कमाता है। इसलिए Singapore Strait of Hormuz Policy उसके लिए सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि आर्थिक जरूरत भी है।
क्यों जरूरी है rules-based order?
विशेषज्ञों का मानना है कि आज की volatile दुनिया (VUCA environment) में देशों को अपने सिद्धांतों पर टिके रहना जरूरी है।
Joseph Liow के अनुसार:
👉 “अंतरराष्ट्रीय कानून एक ‘North Star’ की तरह है, जो देशों को अनिश्चित परिस्थितियों में दिशा देता है।”
👉 सिंगापुर का मानना है कि:
- अगर “might is right” (ताकत ही कानून बन जाए)
- तो छोटे देशों के लिए survival मुश्किल हो जाएगा
इसलिए Singapore Strait of Hormuz Policy का मुख्य आधार यही है कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
निष्कर्ष
Singapore Strait of Hormuz Policy यह दिखाता है कि सिंगापुर अपनी foreign policy में स्पष्ट और सिद्धांतों पर आधारित रुख अपनाता है।
👉 यह सिर्फ एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि global trade और stability से जुड़ा विषय है
👉 आने वाले समय में यह नीति अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है
कुल मिलाकर, सिंगापुर ने साफ संदेश दिया है —
नियमों पर समझौता नहीं होगा, चाहे हालात कितने भी जटिल क्यों न हों।
अंतरराष्ट्रीय कानून समझने के लिए UNCLOS के नियम और जानकारी पढ़ें
https://www.un.org/depts/los/index.htm








