Thalapathy Vijay साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म जन नायकन एक बार फिर सुर्खियों में है। Thalapathy Vijay रिलीज से ठीक पहले सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर उठा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ फिल्म की तय रिलीज योजना को झटका दिया है, बल्कि दर्शकों के बीच बनी उत्सुकता पर भी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
दरअसल, ‘जन नायकन’ को थलपति विजय के करियर की आखिरी बड़ी फिल्म माना जा रहा है। राजनीति में सक्रिय भूमिका की ओर बढ़ रहे विजय के लिए यह फिल्म भावनात्मक रूप से भी बेहद खास बताई जा रही है। ऐसे में फिल्म की रिलीज से पहले सेंसर विवाद का अदालतों तक पहुंचना निर्माताओं और फैंस—दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
Thalapathy Vijay मद्रास हाईकोर्ट से मिली थी राहत
पिछले सप्ताह मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म के पक्ष में अहम फैसला सुनाया था। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के चेयरपर्सन को फिल्म को दोबारा रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने का अधिकार नहीं था। कोर्ट के मुताबिक, जब चेयरपर्सन पहले ही यह सिफारिश कर चुके थे कि कुछ मामूली कट्स के बाद यू/ए सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है, तो इसके बाद उनकी भूमिका वहीं समाप्त हो जाती है।
Thalapathy Vijay इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को निर्देश दिया था कि वह फिल्म को तुरंत यू/ए सर्टिफिकेट जारी करे। निर्माताओं ने इसे बड़ी राहत माना और रिलीज की तैयारियां तेज कर दीं।
Thalapathy Vijay सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
हालांकि राहत ज्यादा दिन टिक नहीं सकी। मद्रास हाईकोर्ट के इस आदेश को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में दलील दी गई है कि किसी भी फिल्म को रिलीज से पहले सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में समीक्षा (रिव्यू) की संभावना बनी रहनी चाहिए।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अगर भविष्य में किसी स्तर पर आपत्ति उठती है, तो बोर्ड के पास हस्तक्षेप का अधिकार होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में सुनवाई की तारीख तय नहीं की है, लेकिन इस अपील ने फिल्म की रिलीज को लेकर अनिश्चितता जरूर बढ़ा दी है।
Thalapathy Vijay 22 देशों में, चार भाषाओं में रिलीज की योजना
‘जन नायकन’ को केवीएन प्रोडक्शंस ने प्रोड्यूस किया है और इसका निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर एच. विनोथ ने किया है। फिल्म में थलपति विजय के साथ पूजा हेगड़े और ममिता बैजू अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी।
निर्माताओं के मुताबिक, फिल्म को 22 देशों में चार भाषाओं में रिलीज करने की योजना है। कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी थी, जिससे फिल्म को लेकर जबरदस्त बज़ देखने को मिला। ऐसे में किसी भी तरह की देरी से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ दर्शकों की उत्सुकता पर भी असर पड़ सकता है।
Thalapathy Vijay कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
फिल्म का सेंसर विवाद तब शुरू हुआ जब सीबीएफसी के एक सदस्य ने चेयरपर्सन को शिकायत भेजी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने से पहले उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। इसी शिकायत के आधार पर फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया, जिससे सर्टिफिकेशन प्रक्रिया लंबी खिंचती चली गई और रिलीज बार-बार टलती रही।
Thalapathy Vijay निर्माताओं ने अदालत में दलील दी कि फिल्म को अब तक किसी तीसरे पक्ष को सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाया गया है और केवल एक आंतरिक शिकायत के आधार पर सर्टिफिकेट रोकना मनमाना फैसला है। उनका कहना है कि सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए सभी मामूली कट्स पहले ही पूरे कर लिए गए हैं।
आगे क्या?
अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। यदि शीर्ष अदालत मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाती है, तो फिल्म की रिलीज और आगे खिसक सकती है। वहीं, अगर हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा जाता है, तो ‘जन नायकन’ जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। https://www.bollywood.com/
Thalapathy Vijay फिलहाल, थलपति विजय के फैंस उम्मीद लगाए बैठे हैं कि यह कानूनी पेंच जल्द सुलझे और उनके चहेते स्टार की आखिरी बड़ी फिल्म बिना किसी और रुकावट के बड़े पर्दे पर आ सके। https://publichint.com/virat-kohli-records/







