Heat Wave में भी सड़कों पर मजबूर Gig Workers
महाराष्ट्र में बढ़ती गर्मी के बीच Gig Workers Heat Wave की समस्या गंभीर होती जा रही है। पुणे और मुंबई में रिकॉर्ड तापमान के बावजूद फूड डिलीवरी राइडर्स लगातार सड़कों पर काम करने को मजबूर हैं।
रविवार को पुणे का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जहां ज्यादातर लोग घरों में रहने लगे, वहीं हजारों डिलीवरी राइडर्स तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच काम करते रहे।
Gig Workers Heat Wave में नहीं मिलता आराम
पुणे और मुंबई के फूड डिलीवरी राइडर्स का कहना है कि उनके पास आराम करने का विकल्प नहीं होता। सिर पर हेलमेट, पीठ पर भारी बैग और लगातार बजते ऑर्डर नोटिफिकेशन के बीच उन्हें घंटों सड़क पर रहना पड़ता है।
कई राइडर्स ने बताया कि गर्मी में काम करना शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद मुश्किल हो चुका है, लेकिन कमाई के दबाव के कारण वे काम छोड़ नहीं सकते।
Incentive सिस्टम बना बड़ी परेशानी
Gig Workers Heat Wave की सबसे बड़ी समस्या कंपनियों का इंसेंटिव सिस्टम बताया जा रहा है। पुणे के कटराज-बिबवेवाड़ी इलाके में काम करने वाले Swiggy राइडर राजू घुबे ने कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक का समय सबसे खतरनाक होता है, लेकिन इसी दौरान काम पूरा करना जरूरी होता है।
उन्होंने बताया कि अगर तय समय से एक मिनट भी कम काम किया जाए तो इंसेंटिव नहीं मिलता। इसी वजह से राइडर्स को सबसे ज्यादा गर्मी वाले समय में भी लगातार डिलीवरी करनी पड़ती है।
‘Algorithms हमारी तकलीफ नहीं समझते’
कई डिलीवरी राइडर्स का कहना है कि ऐप आधारित सिस्टम केवल ऑर्डर और टाइमिंग देखता है, इंसानों की हालत नहीं। एक राइडर ने कहा, “Algorithms हमारी तकलीफ नहीं समझ सकते। उन्हें सिर्फ डिलीवरी टाइम दिखता है।”
राइडर्स के अनुसार, कई बार उन्हें पानी पीने या छांव में रुकने का समय तक नहीं मिलता।
Heat Wave का स्वास्थ्य पर असर
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार तेज गर्मी में काम करने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, हीट स्ट्रोक और थकावट जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि Gig Workers Heat Wave के दौरान कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने चाहिए।
छांव और आराम की कमी
डिलीवरी राइडर्स का कहना है कि शहरों में उनके लिए आराम करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई इलाकों में न तो सार्वजनिक छांव की जगह है और न ही ठंडा पानी उपलब्ध होता है।
राइडर्स मांग कर रहे हैं कि कंपनियां और प्रशासन मिलकर उनके लिए Cooling Points और Rest Zones तैयार करें।
कंपनियों से बढ़ रही मांग
गिग वर्कर्स अब कंपनियों से इंसेंटिव सिस्टम में बदलाव, ज्यादा ब्रेक और गर्मी के समय अतिरिक्त सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में बढ़ती गर्मी के कारण Gig Workers Heat Wave जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।
India Meteorological Department (IMD)








