Gold Price Crash: लगातार नई ऊंचाइयों को छूने के बाद अब सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। जून 2026 के आखिरी कारोबारी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की कीमतों में तेज कमजोरी दर्ज की गई। पूरे महीने के दौरान सोना करीब 12% तक टूट गया, जो अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका और वैश्विक निवेशकों की बदलती रणनीति इस गिरावट की प्रमुख वजह हैं।
जून 2026 में क्यों टूटा सोना?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार 30 जून को स्पॉट गोल्ड करीब 0.8% गिरकर 3,985.57 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 1% फिसलकर 3,999.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। जून महीने में अब तक सोने में करीब 12% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह लगातार चौथे महीने नुकसान की ओर बढ़ता दिख रहा है।
Gold Price Crash: क्या है गिरावट की सबसे बड़ी वजह?
विश्लेषकों के मुताबिक, मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है।
जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक बिना ब्याज वाले सुरक्षित निवेश जैसे सोने की बजाय बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। Gold Price Crash: इसके अलावा मजबूत अमेरिकी डॉलर भी सोने की कीमतों पर दबाव बनाता है, क्योंकि डॉलर महंगा होने से अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा पड़ता है।
Gold Price Crash: अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जून 2026 की यह गिरावट अक्टूबर 2008 के बाद सोने की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। इसके साथ ही सोना 2013 के बाद सबसे खराब तिमाही प्रदर्शन की ओर भी बढ़ रहा है।
Gold Price Crash: चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर भी असर
सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं में भी कमजोरी देखने को मिली।
- चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई।
- प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी धातुएं भी दबाव में रहीं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख जारी रहता है, तो कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव आगे भी बना रह सकता है।
Gold Price Crash: क्या निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका?
बाजार जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में आई गिरावट अवसर बन सकती है, लेकिन अल्पकाल में बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली नीति, रोजगार आंकड़ों और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी। Gold Price Crash: यदि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होती है, तो सोने पर दबाव कुछ समय तक बना रह सकता है। https://www.reuters.com/markets/commodities/
निवेशकों को किन बातों पर रखनी होगी नजर?
आने वाले दिनों में बाजार की नजर इन प्रमुख घटनाओं पर रहेगी:
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति
- अमेरिका के रोजगार (Non-Farm Payrolls) के आंकड़े
- महंगाई से जुड़े आर्थिक डेटा
- अमेरिकी डॉलर इंडेक्स की चाल
- मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति
Gold Price Crash: इन सभी कारकों के आधार पर ही सोने की कीमतों की अगली दिशा तय होगी।








