SARTHAK-PDS Scheme Government of India ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को SARTHAK-PDS Scheme को मार्च 2031 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने ₹25,530 करोड़ का बड़ा बजट भी स्वीकृत किया है।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था के जरिए राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा ताकि गरीबों तक सस्ता अनाज समय पर और बिना किसी गड़बड़ी के पहुंच सके।
क्या है SARTHAK-PDS Scheme?
SARTHAK-PDS Scheme का उद्देश्य देश की राशन व्यवस्था को डिजिटल और स्मार्ट बनाना है। इस योजना में:
- AI आधारित लाभार्थी रजिस्ट्री
- GPS ट्रैकिंग सिस्टम
- QR कोड टैगिंग
- और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम
जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े या अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
SARTHAK-PDS Scheme पीएम मोदी ने क्या कहा?
Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा:
“देश के हर जरूरतमंद तक PDS के माध्यम से समय पर खाद्यान्न पहुंचे, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आगे कहा कि SARTHAK-PDS Scheme को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाकर जारी रखने से:
- डिलीवरी सिस्टम बेहतर होगा
- लॉजिस्टिक्स मजबूत होंगे
- ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था पारदर्शी बनेगी
- और शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी।
SARTHAK-PDS Scheme अमित शाह ने बताई योजना की खासियत
Amit Shah ने कहा कि मोदी सरकार गरीब कल्याणकारी योजनाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़कर उन्हें ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक बना रही है।
उन्होंने बताया कि:
- AI आधारित लाभार्थी पहचान प्रणाली
- GPS ट्रैकिंग
- QR कोड टैगिंग
के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गरीबों तक योजनाओं का 100% लाभ पहुंचे।
SARTHAK-PDS Scheme गरीबों को क्या होंगे फायदे?
SARTHAK-PDS Scheme लागू होने के बाद राशन कार्ड धारकों को कई बड़े फायदे मिलने की उम्मीद है।
1. राशन वितरण में पारदर्शिता
GPS और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि खाद्यान्न कहां तक पहुंचा और किसे मिला।
2. फर्जी राशन कार्ड पर रोक
AI आधारित सिस्टम डुप्लीकेट और फर्जी लाभार्थियों की पहचान करने में मदद करेगा।
3. शिकायतों का तेज समाधान
ऑनलाइन मॉनिटरिंग और डिजिटल रिकॉर्ड से शिकायतों का समाधान तेजी से हो सकेगा।
4. राज्यों को आर्थिक सहायता
केंद्र सरकार राज्यों को खाद्यान्न परिवहन और लॉजिस्टिक लागत के लिए अतिरिक्त सहायता भी देगी।
5. राशन दुकानदारों को फायदा
उचित मूल्य की दुकानों यानी FPS डीलरों के मार्जिन में भी बढ़ोतरी की जाएगी।
किन योजनाओं को जोड़ा गया?
SARTHAK-PDS Scheme में दो प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है:
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत खाद्यान्न परिवहन सहायता योजना
- Smart-PDS योजना
इन दोनों योजनाओं को मिलाकर एक आधुनिक और एकीकृत राशन वितरण प्रणाली तैयार की जा रही है।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
भारत में करोड़ों लोग सरकारी राशन व्यवस्था पर निर्भर हैं। लेकिन कई बार:
- राशन चोरी
- फर्जी लाभार्थी
- ट्रांसपोर्टेशन में गड़बड़ी
- और डिलीवरी में देरी
जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि SARTHAK-PDS Scheme जैसी टेक्नोलॉजी आधारित पहल इन समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकती है।
डिजिटल इंडिया मिशन को मिलेगा बढ़ावा
यह योजना Digital India मिशन को भी मजबूत करेगी। सरकार का फोकस अब हर सरकारी योजना को तकनीक आधारित और डेटा-ड्रिवन बनाने पर है।
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले समय में राशन वितरण पूरी तरह स्मार्ट और ट्रैक करने योग्य हो जाएगा। https://dfpd.gov.in/
निष्कर्ष
SARTHAK-PDS Scheme को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला देश की राशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। AI, GPS और QR आधारित तकनीकों के इस्तेमाल से गरीबों तक खाद्यान्न पहुंचाने की प्रक्रिया और मजबूत होने की उम्मीद है।
सरकार का दावा है कि इससे भ्रष्टाचार कम होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और करोड़ों जरूरतमंद लोगों को समय पर राशन मिल सकेगा।








