ईदगाह के बाहर मुस्लिम संगठनों का प्रदर्शन, हिंदू-मुस्लिम एकता और सौहार्द का दिया संदेश
आगरा: Bakrid 2026: बकरीद (ईद-उल-अजहा) 2026 के मौके पर उत्तर प्रदेश के आगरा में एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। ईद की नमाज के बाद ईदगाह के बाहर ‘उत्तर प्रदेश मुस्लिम महापंचायत’ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। इस पहल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
मुस्लिम महापंचायत के सरपंच नदीम नूर और अमजल कुरैशी ने कहा कि ईद का त्योहार त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एकता और देश में सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने के उद्देश्य से यह मांग उठाई गई है।
गौ माता को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग(Bakrid 2026)
ईदगाह के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और ‘गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करो’ जैसे पोस्टर दिखाए। संगठन के सदस्यों ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए इसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।
इस दौरान नमाज अदा कर लौट रहे लोगों और राहगीरों में इस पहल को लेकर काफी उत्सुकता दिखाई दी। कई लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की मिसाल बताया।
मुस्लिम संगठनों की ओर से पहले भी उठ चुकी है मांग
हाल के वर्षों में कई मुस्लिम धार्मिक संगठनों और नेताओं की ओर से भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग सामने आ चुकी है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी केंद्र सरकार से पूरे देश में गोहत्या पर समान कानून लागू करने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील की थी।
वहीं, अयोध्या में बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने भी गाय की कुर्बानी को अनुचित बताते हुए इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही आगरा की पहल
बकरीद 2026(Bakrid 2026) के मौके पर आगरा में मुस्लिम महापंचायत की यह पहल अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक भाईचारे की दिशा में सकारात्मक कदम बता रहे हैं।








