नई दिल्ली: लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों के दबाव से जूझ रहे करोड़ों भारतीयों के लिए शनिवार को थोड़ी राहत की खबर आई। Petrol Diesel Prices Today के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि यह राहत फिलहाल अस्थायी मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 13 जून को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
Petrol Diesel Prices Today: प्रमुख शहरों में क्या हैं नए रेट?
आज जारी ताजा कीमतों के अनुसार:
- दिल्ली: ₹102.12 प्रति लीटर
- मुंबई: ₹111.18 प्रति लीटर
- बेंगलुरु: ₹110.89 प्रति लीटर
- कोलकाता: ₹113.47 प्रति लीटर
- नोएडा: ₹102.12 प्रति लीटर
- गाजियाबाद: ₹102.10 प्रति लीटर
- लखनऊ: ₹101.86 प्रति लीटर
- पुणे: ₹111.49 प्रति लीटर
- इंदौर: ₹114.58 प्रति लीटर
- जबलपुर: ₹114.61 प्रति लीटर
- विजयवाड़ा: ₹117.48 प्रति लीटर
- दार्जिलिंग: ₹113.18 प्रति लीटर
- कांचीपुरम: ₹108.35 प्रति लीटर
राज्यों में वैट, परिवहन लागत और स्थानीय करों के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
पिछले एक महीने में कितना बढ़ा बोझ?
Petrol Diesel Prices Today भले ही स्थिर हों, लेकिन पिछले महीने की तस्वीर आम लोगों के लिए काफी परेशान करने वाली रही है।
25 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹2.50 प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी की गई थी। मई के मध्य से अब तक कुल मिलाकर लगभग ₹7.50 प्रति लीटर तक कीमतें बढ़ चुकी हैं। इसके चलते ईंधन के दाम दो साल से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।
इसका सीधा असर परिवहन, सब्जियों, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ा है।
महंगाई से जूझ रहे परिवारों की बढ़ी चिंता
ईंधन की कीमतें केवल वाहन चालकों को ही प्रभावित नहीं करतीं। जब पेट्रोल और डीजल महंगे होते हैं, तो ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ जाती है और इसका असर हर घर तक पहुंचता है।
कई परिवार पहले से ही बढ़ती महंगाई, स्कूल फीस, बिजली बिल और घरेलू खर्चों से परेशान हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
दिल्ली के एक कैब चालक ने कहा कि हर बार ईंधन महंगा होने पर कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ वाहन चलाने में ही खर्च हो जाता है।
आखिर क्यों बढ़े थे ईंधन के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार हालिया बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव बड़ी वजह है।
दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति Strait of Hormuz से होकर गुजरती है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करता है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर देश के पेट्रोल और डीजल बाजार पर पड़ता है।
क्या आगे सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल?
यह सवाल आज हर भारतीय के मन में है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri पहले भी कह चुके हैं कि सरकार वैश्विक परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिति पर निर्भर करेंगी।
यदि वैश्विक तनाव कम होता है और तेल की आपूर्ति सामान्य रहती है, तो आने वाले समय में कीमतों में राहत मिल सकती है। लेकिन यदि हालात बिगड़ते हैं, तो फिर से बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राहत मिली, लेकिन चिंता खत्म नहीं हुई
Petrol Diesel Prices Today में भले ही कोई बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन आम लोगों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतें हर परिवार के बजट को प्रभावित कर रही हैं।
फिलहाल लोगों को राहत इस बात की है कि आज कीमतें स्थिर हैं, लेकिन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।https://iocl.com/products/petrol-diesel








