Gold Buying and Forex Reserves: Narendra Modi ने देशवासियों से सोने की खरीद, पेट्रोल-डीजल की खपत और गैर-जरूरी विदेशी खर्च कम करने की अपील की है। PM मोदी का कहना है कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार यानी Forex Reserves पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और ऐसे समय में लोगों को जिम्मेदारी से खर्च करना चाहिए।
दरअसल, Gold Buying and Forex Reserves का सीधा संबंध देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इम्पोर्टर्स में शामिल है और बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से खरीदा जाता है। इससे डॉलर में भुगतान बढ़ता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है।
पेट्रोल-डीजल आयात से बढ़ रहा दबाव
भारत अपनी जरूरत का लगभग 89% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। एक साल पहले जहां कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं अब इसकी कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुकी है।
ऐसे में भारत को तेल खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे Forex Reserves तेजी से प्रभावित हो रहे हैं और रुपये पर दबाव बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से मेट्रो, बस और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की है ताकि पेट्रोल और डीजल की खपत कम हो सके।
Gold Buying and Forex Reserves का क्या है कनेक्शन?
जब भारत बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है, तो उसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार Gold Buying and Forex Reserves पर दबाव डालती है। जैसे-जैसे डॉलर बाहर जाता है, भारतीय रुपया कमजोर होता जाता है। कमजोर रुपया सोने को और महंगा बना देता है।
यानी लोग ज्यादा सोना खरीदते हैं, तो बाद में उसी सोने की कीमत और बढ़ जाती है। यही वजह है कि सरकार फिलहाल लोगों से गैर-जरूरी गोल्ड खरीदारी टालने की सलाह दे रही है।
विदेशी यात्राओं पर भी सरकार की नजर
प्रधानमंत्री मोदी ने गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने की भी अपील की है। उनका कहना है कि विदेश यात्रा में भी डॉलर का बड़ा खर्च होता है।
अगर लोग घरेलू पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
EV और Work From Home को बताया समाधान
PM मोदी ने कोविड काल की तरह “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था को फिर अपनाने की सलाह दी। उनका मानना है कि इससे ट्रैफिक कम होगा और ईंधन की बचत होगी।
इसके अलावा उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का बड़ा समाधान बताते हुए EV adoption बढ़ाने पर जोर दिया।
अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Gold Buying and Forex Reserves पर दबाव लगातार बढ़ता रहा, तो इसका असर रुपये, महंगाई और आम लोगों की जेब पर दिखाई दे सकता है।
सरकार फिलहाल विदेशी मुद्रा बचाने और आयात खर्च कम करने के लिए कई कदम उठा रही है। PM मोदी की यह अपील भी उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।https://publichint.com/vijay-oath-ceremony-tamil-nadu-new-chief-minister/
👉 Prime Minister of India Official Website
👉 Reserve Bank of India Forex Reserves Data








